Dudhsagar Falls – दूधसागर जलप्रपात में दर्शनीय स्थल, कब जाना उचित होता है।

आज हम आपको Dudhsagar Falls के बारे में जानकारी पदान करेंगे जो एक खूबसूरत जलप्रपात है। सबसे पहले हम आपको बताते है, इसका नाम दूधिया कैसे हुआ है। दूधिया का मतलब यहां पर सफेद पानी से है, यह एक खूबसूरत सफेद जलप्रपात है, जिसके कारण इसे “दूध का सागर” के रूप में अनुवादित, किया जाता है। दूधसागर जलप्रपात भगवान महावीर अभयारण्य और पश्चिमी घाट के मोलेम राष्ट्रीय उद्यान में स्थित है। इसके पास मोंडोवी नदी है, यह उसी के पास है। 

गोवा और कर्नाटक के आसपास समृद्ध जैव विविधता इस क्षेत्र को सुशोभित करती है। उसमे से एक Dudhsagar Falls है। भारत में चौथे सबसे ऊंचे झरने के रूप में प्रतिष्ठित यह झरना काफी मशहूर है। यह ;लोगो के घूमने के लिए सबसे प्रसिद्ध जगहों में से एक है।  जो हर साल हजारों घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यहां का झरना काफी ऊँचा है, एक अनुमान के मुताबिक यह राजसी झरने १०१७ फीट की ऊंचाई वाले ऊर्ध्वाधर पहाड़ से सीधे नीचे गिरते हैं। जिससे निकलने वाला पानी दूध की तरह दिखाई देता है।

Dudhsagar Falls कब जाना उचित होता है। 

यदि आप Dudhsagar Falls को बेहतर तरिके से देखना चाहते है, तो आपको यहां पर जून से सितंबर तक चलने वाले मानसून के मौसम के दौरान आना चाहिए, यह इस समय अपने चरम स्तर पर होता है। दूधसागर फॉल्स की यात्रा के लिए नवंबर से दिसंबर भी सबसे अच्छे समय में से एक ह, क्युकी इस समय यहां का मौसम सबसे बेहतर और ठंडा होता है। 

दूधसागर जलप्रपात में दर्शनीय स्थल

दूधसागर जलप्रपात में आपको कई जगह घूमने के लिए मिलती है। दूधसागर जलप्रपात में दर्शनीय स्थलों की यात्रा के बहुत सारे विकल्प उपलब्ध है, जिनका आप आनंद ले सकते है। यहां पर आपको निकटवर्ती भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य और मोलेम राष्ट्रीय उद्यान (एनएच 4ए, कैरनज़ोल) भी देखने को मिलते है। यह पार्क एक समृद्ध वनस्पतियों और जीवों का दावा करता है, यहां पर आपको देखने के लिए काफी कुछ मिलता है। 

यहां पर आपको काफी ट्रेकिंग करने के लिए जगह मिलती है। यह सभी साहसिक लोगों के लिए रमणीय स्थान में से एक है। यहां पर आपको रास्ते में तेंदुए, गौर और सुस्त भालू जैसे स्थानिक जीवो को देखने का मौका मिलता है। दूधसागर जलप्रपात अपना समय बिताने के लिए शानदार जगह बनाता है। यहां पर आपको आने के बाद बहुत ही सुकून मिलता है। इसके आसपास के क्षेत्र में घूमने के लिए कई और भी दिलचस्प स्थान हैं। जिन्हे आप देख सकते है। 

दूधसागर जलप्रपात कैसे पहुँचें

दूधसागर जलप्रपात पहुंचने के लिए ठाणे-कासर-इगतपुरी और नासिक होते हुए मुंबई से आ सकते है। यह 185 किमी की दूरी पर स्थित है। यदि कोई यात्री पुणे से यात्रा करके यहां आता है, तो उसको केवल 220 किमी की यात्रा करना होती है। इसके लिए आप यहां की राज्य बसों या निजी बसों का उपयोग करके आसानी से पहुंच सकते है। यदि आप हवाई यात्रा करने आना चाहते है, तो सबसे नजदीकी मुंबई हवाई अड्डा आता है। यही से आप ट्रेन की यात्रा करके भी आ सकते है। 

इस जगह की यात्रा करने का सबसे अच्छा समय मानसून के मौसम के ठीक बाद का है, इसलिए आप यहां की यात्रा करने के लिए इस समय का चुनाव करते है, तो यह सबसे बेहतर होगा। आपको यहां पर झरनों में पर्याप्त पानी देखने को मिलता है, जो की एक अद्भुत नजारा है। 

-धन्यवाद

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