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janki van Gujarat सामाजिक वानिकी विभाग द्वारा बनाया गया वन है। जानकी वन एक बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है, यह लगभग 10 एकड़ में फैला हुआ है। यह वन गुजरात के पर्यटन में एक बहुत बड़ा पर्यटन स्थल के रूप में देखा जा रहा है। जानकी वन को इस जंगल में रामायण की थीम पर डिजाइन किया और बनाया है, जिससे यह बहुत ही आकर्षित लगता है। यहां पर इसे हरसाल कई लोग देखने के लिए गुजरात आते है। 

जानकी वन के बारे में

इस वन की बात करे तो, यहाँ 50,000 से अधिक पेड़ हैं ये पेड़ विभिन्न प्रजातियों के है, जो जानकी वन को एक सुन्दर रूप प्रदान करते है। यही कारन है की जानकी वन पर्यटको को अपनी और आकर्षित करता है। यह वन वंसदा के पास भिनार गांव में स्थित इस जंगल को रामायण थीम पर डिजाइन किया गया है।

जानकी वन पर्यटन की दृस्टि से इस क्षेत्र में लोकप्रिय और आकर्षण का केंद्र बन गया है। इसका नाम जानकी इसलिए रखा गया है, क्युकी इस वन को रामायण के शीर्षक पर बनाया गया है। और जानकी शब्द माता सीता का दूसरा नाम है और यहाँ ऐसा मना जाता है, की जानकी वन इतिहास से सम्बंधित है। और ऐसा माना जाता है, की रामयण में माता सीताजी वनवास के  समय इस वन में रुकी थी। 

बड़ा पिकनिक स्थल

आज जानकी वन लोगो के लिए एक बड़ा पिकनिक स्थल बन गया है, जो की लगभग 16 हेक्टेयर में फैला हुआ है। यह बिलिमोरा से 42 किमी की दुरी पर स्थित है। नवसारी जिले की वंसदा तहसील के भीनार गांव में यह वन आता है। जानकी वन का शुभारम्भ 02-अगस्त-2015 वन दिवस के दिन किया गया था इसके उट्घाटन में गुजरात की सीएम आनंदीबेन पटेल की उपस्थिति में  किया गया था। 

खुलने का समय

janki van Gujarat
janki van Gujarat

जानकी वन खुलने का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहता है। और यह सप्ताह में 6 दिन खुला रहता है। यह वन सोमवार को बंद रहता है और इसके आने का समय भी दिया गया है। आप जब भी इसकी यात्रा के लिए जाए तो सोमवार को ना जाए।  

आइये जानते है जानकी वैन क्या क्या है

  • सिंदूर वन
  • चंदन वन
  • दशमूलारिष्ट वन
  • अशोक वाटिका
  • आमरा वन
  • बिलवा वन
  • पंचवटी वन
  • राशि-क्षेत्र वन
  • नागरहा वैन क्षेत्र।

इस वन की देखरेख गुजरात राज्य सरकार द्वारा की जाती है। गुजरात राज्य का वन विभाग जानकी वन का रखरखाव करता है। इस पार्क को पर्यावरण संरक्षण, वानिकी संरक्षण के पोषण-प्रजनन के लिए विकसित किया गया है। इसमें आपको कई तरह की जंगली जड़ी-बूटियों मिलती है, जो की कई तरह की दवाइयों में इस्तेमाल की जाती है।  इस जानकी वन में वृक्षारोपण क्षेत्रों को अशोक वन, पंचवटी वन, अमरावन, सिंदूरी वन, चंदन वन, राशि-नक्षत्र के नाम से जाना जाता है। यहां पर आपको इस वन के बारे में सभी जानकारी मिलती है।

-धन्यवाद