Laxmi Vilas Palace (लक्ष्मी विलास पैलेस)

Laxmi Vilas Palace (लक्ष्मी विलास पैलेस) एक खुबसुरत जगहों में से एक है | आपको बता दे की यह वडोदरा, गुजरात, भारत में में स्थित है | इसका निर्माण गायकवाड़ परिवार, एक प्रमुख मराठा परिवार द्वारा किया गया था, जिन्होंने बड़ौदा राज्य पर शासन किया था जिसके बाद उन्होंने इस महल का निर्माण करवाया था | महल के मुख्य वास्तुकार होने का श्रेय मेजर चार्ल्स मंट को दिया गया है, जिन्होंने इसे बड़ी खूबसूरती के साथ इसे बनाया है | यह एक बेहतरी महली में से एक है और इसे सालाना कई लोग इसको देखने के लिए यहा आते है |

लक्ष्मी विलास पैलेस के बारे में –

लक्ष्मी विलास पैलेस (Laxmi Vilas Palace )भारत में सबसे राजसी संरचनाओं में से एक माना जाता है जो की महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ III का निजी निवास था उन्होंने कई समय तक इस महल में निवास किया था | यह  बकिंघम पैलेस के चार गुना के बराबर आकार का सबसे बड़ा निजी आवास है जिसको एक विश्व स्तरीय पहचान मिली है |

आकर्षक लक्ष्मी विलास पैलेस (Laxmi Vilas Palace )का निर्माण 1890 में किया गया था और इसे पूरा होने में लगभग बारह साल लगे थे। यह 700 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है | इसका निर्माण इंडो-सरसेनिक शैली में बनाया गया है जो गुंबदों, मीनारों और मेहराबों की उपस्थिति के साथ हिंदू, गोथिक और मुगल स्थापत्य रूपों का एक आकर्षक संरचना है |

कई इमारतो को शामिल करता है |

आपको बता दे की लक्ष्मी विलास पैलेस (Laxmi Vilas Palace )अपने परिसर के भीतर कई अन्य इमारतों को शामिल करता है जिसमें एलवीपी बैंक्वेट्स एंड कन्वेंशन, मोती बाग पैलेस और महाराजा फतेह सिंह संग्रहालय भवन शामिल हैं। जिन्हें देखने के लिए लोग दूर दूर से यहा आते है | यहा का संग्रहालय भवन मुख्य रूप से महाराजा के बच्चों के लिए एक स्कूल के रूप में बनाया गया था। आज, इसमें राजा रवि वर्मा के चित्रों का एक असाधारण संग्रह और दुनिया भर से एकत्रित विभिन्न अन्य कलाकृतियाँ को दर्शाया गया है | यहा पर आपको जाने पर निःशुल्क पेय और नाश्ते के साथ एक उत्कृष्ट ऑडियो टूर टिकट की कीमत में शामिल किया जाता है।

लक्ष्मी विलास पैलेस की वास्तुकला –

  • लक्ष्मी विलास पैलेस की वास्तुकला के बारे में बात करे तो यह बहुत ही शानदार है | यह आज तक भारत में सबसे प्रभावशाली राज-युग के महलों में से एक माना जाता है।
  • महल के अंदरूनी हिस्सों में अच्छी तरह से बनाए रखा असेंबल, कलाकृति और झूमर नजर आते है |
  • इसको लिफ्ट सहित सबसे उच्च तकनीक सुविधाओं के साथ बनाया गया था जो आज भी सुचारू है |
  • लक्ष्मी विलास पैलेस को पश्चिमी सुविधाओं के साथ अधिक उपयुक्त स्थान बनाया गया है |
  • इसके अंदर 170 कमरे हैं और इसे सिर्फ दो लोगों यानी महाराजा और महारानी के लिए बनाया गया था यह इसकी खास बात है ।
  • इसके प्रवेश द्वार पर, दरबार हॉल मोज़ेक फर्श, पुराने फर्नीचर, विनीशियन झूमर और बेल्जियम के सना हुआ ग्लास खिड़कियों में देखने को मिलता है जो काफी खुबसुरत है |
  • इसके कमरों में आपको टेराकोटा से बनी कुछ बेहतरीन मूर्तियां हैं और यह अक्सर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संगीत समारोहों का स्थान भी अलग से बनाया गया है |
  • शस्त्रागार में महाराजा के समय इस्तेमाल की जाने वाली तलवारों और युद्ध के हथियारों को आज भी संग्रहित किया गया है, जिन्हें आप यहा पर देख सकते है |

Laxmi Vilas Palace का महाराजा फतेह सिंह संग्रहालय

लक्ष्मी विलास पैलेस (Laxmi Vilas Palace )के भीतर आपको सबसे ज्यादा बेहतर यहा का महाराजा फतेह सिंह संग्रहालय देखने को मिलता है | आने वाले लोगो को यहां पर्याप्त मात्रा में मूर्तियां देखने को मिलती हैं जो प्रसिद्ध हैं और कहा जाता है कि वे अतीत के महान कारीगरों से संबंधित हैं। इसमे आपको उनसे सम्बन्धित कई एनी चीजो को भी देखने का मोका मिलता है |

यह भारत के भीतर और साथ ही भारत के बाहर विभिन्न यात्राओं की उनकी यात्रा पर, महाराजा द्वारा एकत्र की गई सभी कला और पेंटिंग को संग्रहालय में आज भी रखा गया है। राजा रवि वर्मा उस समय के सबसे प्रसिद्ध कलाकारों में से एक थे और हिंदू पौराणिक कथाओं पर आधारित उनके चित्र आज भी लोगों को आकर्षित करते हैं। वह भी आपको यहा पर देखने को मिलते है |

कैसे पहुंचें लक्ष्मी विलास पैलेस

यदि आप भी इसको घूमना चाहते है और इस महल (Laxmi Vilas Palace) को देखना चाहते है, तो आपको इसके लिए गुजरात के वडोदरा जाना होगा | यहा पर यह महल नेहरू रोड पर स्थित है जो इसे कैब और ऑटो-रिक्शा के माध्यम से आसानी से पहुचा जा सकता है | इसके लिए आप परिवहन का साधन शहर के हर हिस्से से आसानी से उपलब्ध है।

-धन्यवाद

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